top of page

Untitled

समाजवाद को सिर्फ ऐक कसौटी पर परखिए । वो ये , के क्रांति के बाद सत्ता किसके पास थी ? दूसरा , पैदावार का सामूहिक मालिक कोन था ? अगर सत्ता पे विराजमान श्रमिक वर्ग होता तो जीतने भी मिनिस्टर और पोलितब्यूरो और सेंट्रल कमेटी थी उनमें ऐक भी मजदूर नहीं था . और यही हाल औरतों का था . ऐक भी महिला मिनिस्टर नहि बन पाई । क्यों ? इसलिए के सत्ता पे कोई और था । अगर श्रमिक वर्ग पैदावार का सामूहिक मालिक होता तो उसको हर महीने कि पगार कोन दे रहा था ? मालिक तो पगार देता है , लेता नहीं । आज भारत की सब वाम पार्टियां फिर उसी को दोहरा रही है और हम कहते है हमे समाजवाद चाहिए । किस तरह का समाजवाद ?

 
 
 

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page
संपर्क करें
Contact Us Contact Us ☎️ Contact Us Contact Us ☎️ Contact Us
Contact Us
Contact Us ✉️ Contact Us