Untitleddhairyatravelsraip20 अप्रैल 20191 मिनट पठन5 स्टार में से NaN रेटिंग दी गई।जीवन “गणित” है। सांसें “घटती” है अनुभव “जुड़ते” है। अलग अलग “कोष्ठकों” में बंद हम बुनते रहते हें “समीकरण” । लगाते रहते हैं “गुणा”- “भाग”। जबकि अंतिम सत्य “शून्य है”।। सुप्रभात 🙏🙏
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